सऊदी अरब में इस साल 1300 से भी ज्यादा गैर-मुस्लिम भाइयों ने अपनाया इस्लाम

रियाद: सऊदी प्रेस एजेंसी के हवाले से ख़बर है जुनूबी रियाद के कोऑपरेटिव ऑफिस ऑफ़ गाइडेंस एंड कम्युनिटी एजुकेशन ने एक बयान द्वारा बताया है कि 1437 हिजरी में 1302 गैर मुस्लिमो ने इस्लाम अपनाया है। डिप्टी जनरल ,अब्दुल हकीम अल जस्सार ने अपने बयान में बताया है कि इस हिजरी के साल में 20 देश के नागरिक मुस्लमान बने है।

इन बीस देशो में ,फिलिपीन्स ,श्री लंका ,यूगांडा ,इंडिया ,नेपाल ,केन्या ,मिस्र ,चीन ,अमेरिका ,जर्मनी ,इटली ,हॉलैंड ,ब्रिटेन ,नाइजीरिया ,इथियोपिया ,घाना ,इरीट्रिया ,मेडागास्कर ,विएतनाम और साउथ अफ्रीका है। सऊदी अरब में कोऑपरेटिव ऑफिस ऑफ़ गाइडेंस एंड कम्युनिटी ,देश में आने वाले गैरमुस्लिमो को इस्लाम की जानकारी देती है जिससे प्रभावित होकर गैर मुस्लिम मुसलमान भी बन रहे है।

पुरे दुनियाभर के देशों में जैसे-जैसे लोग इस्लाम से प्रभावित हो रहे हैं वैसे-वैसे लोग इस्लाम के करीब आते जा रहे हैं। अल्लाह ने जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के जरिये से पुरे जहान के लिए इस्लाम एक रहमत बनाकर भेजा है और इस्लाम ही आखिरी और सच्चा धर्म है। गैर मुस्लिम इस्लाम धर्म में आने का एक कारण यह भी है कि, इस्लाम ही एक ऐसा धर्म है जो सीधा आपको अल्लाह से जोड़ता है और बीच में कोई संबंध नहीं बनाता है। इस्लाम के जरिये से ही आप सीधे अल्लाह से जुड़ सकते हैं जो उसको पुकारने पर वह अपने बन्दों की दुआओं को जरूर कबूल करता है।

इसलिए गैर मुस्लिम सबसे ज्यादा इस्लाम के करीब आते जा रहे हैं। इसके अलावा जिन गैर मुस्लिम भाइयों ने इस्लाम कबूल कर मुसलमान बने थे, वही लोग आज लोगों को इस्लाम की तरफ बुलाने का काम कर रहे हैं। ये लोग जानते अच्छी तरह से जानते हैं कि, इस्लाम में आने के बाद इन्हें नई जिंदगी मिल जाती है और यह जिंदगी उनकी इस जिंदगी और मौत के बाद आने वाली जिंदगी के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है।