अल्पसंख्यकों से किए कांग्रेस के इस वादे की जमीनी हक़ीकत का खुलासा

आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मैदान तैयार है। राजनीतिक पार्टियों ने एक बार फिर आधी आबादी और अल्पसंख्यकों के हक की बात शुरू कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल का मु!द्दा गर!मा!ने के लिए पिछले दिनों कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।

उन्होंने पत्र में कहा कि सरकार विधानसभा से महिला आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पारित करे। यही नहीं राहुल आरएसएस और बीजेपी पर महिलाओं और अल्पसंख्यकों को तवज्जो नहीं देने का आ!रो!प लगाते रहे हैं। लेकिन क्या राहुल गांधी सच में पार्टी और सरकार में महिलाओं-अल्पसंख्यकों की भागीदारी के प्रति गं!भी!र हैं? आइए इसका जवाब नई नवेली तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कांग्रेस सरकार में ढूंढ़ते हैं-

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में कल 28 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। यानि मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर 29 लोगों के हाथों में सरकार चलाने की जिम्मेदारी है। लेकिन इसमें महिलाओं की भागीदारी काफी कम है। कमलनाथ के कैबिनेट में दो महिलाओं इमरती देवी और डॉ विजय लक्ष्मी साधो को जगह दी गई है।

वहीं एक मुस्लिम आरिफ अकील को मंत्री बनाया गया है। प्रदेश की सरकार में 15 साल बाद किसी मुस्लिम को मंत्री बनाया गया है।

मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से बीजेपी की सरकार थी। सूबे में 28 नवंबर को चुनाव हुआ था और नतीजों की घोषणा 11 दिसंबर को की गई थी। 2013 विधानसभा चुनाव के मु!काब!ले इस चुनाव में 14 कम महिलाएं चुनी गई है। इस बार 17 महिलाएं (9 बीजेपी और आठ कांग्रेस) चुनकर आई हैं। पिछले चुनाव में 31 महिलाओं ने जीत दर्ज की थी।

छत्तीसगढ़

मध्य प्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी कल मंत्रियों का शपथ ग्रहण हुआ। यहां मात्र एक महिला अनिला भेड़िया को कैबिनेट में जगह दी गई है। कल 9 मंत्रियों ने शपथ लिया। मुस्लिमों की भागीदारी की बात करें तो मोहम्मद अकबर को मंत्री बनाया गया है। यहां 15 सालों बाद कांग्रेस ने सत्ता का स्वाद चखा है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 13 मंत्री के पद हैं। अब तक 12 मंत्रियों ने शपथ ली है, वहीं एक पद अभी भी खाली है। 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में 13 महिलाएं (9 कांग्रेस+ 1 बीजेपी+ 3 अन्य) चुन कर आई हैं। 2013 में 10 और 2008 में 11 महिलाएं चुनकर विधानसभा पहुंची थी।

राजस्थान

राजस्थान में सोमवार को 23 मंत्रियों ने शपथ लिया था। इसमें 13 कैबिनेट मंत्री और 10 राज्य मंत्री शामिल हैं। कैबिनेट में एक महिला मंत्री ममता भूपेश और एक मुस्लिम मंत्री सालेह मोहम्मद शामिल हैं।

सूबे में पांच साल तक वसुंधरा राजे सिंधिया मुख्यमंत्री रही थी और कांग्रेस ने करारी शिकस्त दी। कांग्रेस ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री और सचिन पायलट को उप-मुख्यमंत्री बनाया है। 199 (200 सीट) सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में इस बार 23 महिला जीत कर पहुंची हैं। जो 2013 विधानसभा चुनाव के मु!का!ब!ले पांच कम है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की बात करें तो यहां कुल 60 मंत्री हैं। इनमें मात्र चार महिलाओं और तीन मु!स्लि!मों को जगह मिली है।

तेलंगाना

तेलंगाना में तो के चंद्रशेखर राव ने अपने कैबिनेट में एक भी महिला को स्थान नहीं दिया है। वहीं एक मुस्लिम चेहरे मोहम्मद अली को गृहमंत्री बनाया है। राव ने कुल 17 लोगों को कैबिनेट में जगह दी है।

119 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा की बात करें तो इसबार मात्र छह महिलाएं (3 कांग्रेस और 3 टीआरएस) चुन कर आई हैं। 2014 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में 9 महिलाओं ने जीत दर्ज की थी।