मुस्लिम कारीगरों ने पेश की मिसाल, 20 सालो से तराश रहे है राधा-कृष्ण क़ी मूर्तियां

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों में पूरा देश डूबा हुआ है। अलीगढ़ में 20 सालों से एक मुस्लिम परिवार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है। इस रिवाज को आगे बढ़ाते हुए इस साल भी कासिम जन्माष्टमी के मौके पर खास राधा-कृष्ण की मूर्ति बना रहा है।

कासिम बीते 20 सालों से पीतल की राधा कृष्ण क़ी मूर्तियां बना रहे हैं। खास बात ये है कि उनके इस काम में उनकी पत्नी और पांच बच्चे सहयोग करते हैं। अब यही उनका व्यवसाय बन गया है।

कासिम पीतल की राधा-कृष्ण की मूर्तियों के अलावा अन्य हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति भी बनाते हैं। कासिम ने साबित कर दिया है कि कर्म किसी भी धर्म को नहीं मानता।

भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन के मौके पर दुनियाभर में मनाई जाने वाली कृष्ण जन्माष्टमी इस बार 5 सितंबर को मनाई जानी है। जन्माष्टमी के मौके पर पूजा मुहूर्त रात में 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।

इस तरह से पूजा की अवधि 46 मिनट की होगी। यह भगवान श्री कृष्ण का 5242वां जन्मोत्सव होगा। जन्माष्टमी के दिन अगर आप व्रत रखते हैं तो उसका पारण आप अगले दिन यानी कि 6 सितंबर को सुबह 6 बजकर 5 मिनट के बाद कभी भी कर सकते हैं। दही हांडी भी 6 सितंबर को होगी।

वैसे तो यहां की पुरानी आबादी के 80 फीसद घरों में ताला, हार्डवेयर और मूर्ति बनाने का काम होता है। छोटे स्तर पर कारीगर अपने घरों में ही काम करते हैं। जयगंज, पला रोड, सराय भूखी में मूर्तियों का काम बड़े पैमाने पर होता है।

हिंदुओं के त्योहार आते ही ये कारीगर ज्यादा ही व्यस्त हो जाते हैं। इस समय कोई दुर्गा की प्रतिमा तैयार कर रहा है तो राधा-कृष्ण की। अपने घर में लगी मशीन पर मेहरूद्दीन लड्डू-गोपाल की मूर्तियां तराशने में जुटे हैं तो मुजीब इन पर पॉलिश कर रहे हैं।

Aligarh Muslim make idol

आस्था और प्रेम नहीं सिखाता नफरत !अलीगढ़ में भाईचारे की मिसाल, करीब 20 सालों से मुस्लिम कुनबे हिंदू कारीगरों के साथ मिलकर जन्माष्टमी के मौके पर राधा कृष्ण की बना रहे हैं मूर्तियां…एक रिपोर्ट#ZeeSalaam#ZeeVideo

Posted by Zee Salaam on Sunday, September 2, 2018