मो. शमी के लिए आई बड़ी खुशखबरी, हसीन जहां ये आरोप साबित हुए खोखले

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मुसीबतें बढ़ाने के लिए उनकी पत्नी ने हसीन जहां ने उनकी उम्र को लेकर जो सवाल खड़े किए थे, वो गलत साबित हुए। हसीन जहां ने कहा था कि शमी ने उम्र छिपाकर बीसीसीआई को धोखा दिया है।

हसीन जहां ने शमी की हाईस्कूल की अलग-अलग दो मार्कशीट और ड्राइविंग लाइसेंस भी अपनी फेसबुक आइडी पर पोस्ट की थी, ज़ी मीडिया की जांच में वो गलत साबित हुई।
हसीन जहां द्वारा शमी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों पर उठाए गए सवाल के बाद ज़ी न्यूज ने शमी के कॉलेज और गांव में जाकर हकीकत जानने की कोशिश की।

कॉलेज के प्राचार्य से लेकर शमी के रिश्तेदारों ने हसीन जहां द्वारा शमी पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद बताया। उन्होंने हसीन जहां पर आरोप लगाते हुए कहा कि शमी की कामयाबी से जल रही है और उसे बदनाम करने लिए अनर्गल आरोप लगा रही है।

अमरोहा जनपद के सहसपुर अली नगर गांव के निवासी मोहम्मद शमी ने पतई खालसा गांव के इंटर कॉलेज से भी हाईस्कूल किया है। स्कूल के अध्यापकों से बातचीत में बताया कि शमी ने यही से शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने कहा कि जिस साल उसने दसवीं और बारहवीं पास की, उसी साल की मार्कशीट शमी को दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल में किसी तरह का कोई फर्जीवाड़ा नहीं होता है।

हसीन की इस पोस्ट को लेकर अब फिर से सोशल मीडिया पर नया हंगामा शुरू गया था। पांच मार्च को हसीन जहां ने सोशल मीडिया के जरिये ही अपने पति शमी के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट करके पति पर दूसरी महिलाओं से संबंध होने का आरोप लगाया था। उसके बाद दोनों अलग हो गए थे।

इतना ही नहीं हसीन ने जेठ हसीब पर दुष्कर्म, ससुरालियों पर मारपीट और दहेज उत्पीड़न के आरोप भी लगाए थे।
इस मामले में हसीन ने सभी के खिलाफ कोलकाता में मुकदमा भी दर्ज कराया है। शमी पर उन्होंने मैच फिक्सिंग तक के आरोप लगाए थे। जांच के बाद बीसीसीआई ने शमी को क्लीन चिट दे दी थी। ये मामला अब शांत हो गया था। शमी टीम इंडिया के साथ इंग्लैंड में टेस्ट मैच खेल रहे हैं।