मोदी का ऐलान- इस देश के नागरिकों को मिलेगी 30 दिन की नि:शुल्क यह सुविधा

तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले पड़ाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया पहुंचे हैं। आज राजधानी जकार्ता में पीएम मोदी ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पीएम मोदी का इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भवन में शाही स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच डेलीगेशन स्तर की बैठक भी हुई। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग समेत कुल 15 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

जकार्ता में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सवा सौ करोड़ भारतीयों ने मुझ जैसे एक साधाराण नागरिक को प्रधान सेवक बनने का मौका दिया, वैसे ही इंडोनेशिया की जनता ने राष्ट्रपति विडोडो को चुना। यहां उन्होंने इंडोनेशिया के नागरिकों के लिए 30 दिन के लिए भारत यात्रा के लिए नि:शुल्क वीजा की व्यवस्था किए जाने का ऐलान किया।

बीते चार सालों में सवा सौ करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रूप में दुनिया में जहां-जहां भी मैं गया, मेरा प्रयास रहा है कि आप जैसे उन लाखों बंधुओं और बहनों से मिलूं जिनका मूल भारत भूमि में है। भारत और इंडोनेशिया का संस्कृत और संस्कृति का रिश्ता है। आप सभी जो इंडोनेशिया में आज रच बस गए है, हमारे इस रिश्ते की मजबूत कड़ी हैं।पीएम मोदी ने कहा कि भारत में रिकॉर्ड स्तर पर विदेशी निवेश हो रहा है। भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व लगभग 300 बिलियन डॉलर से बढ़कर 400 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है।

उन्होंने ये भी कहा कि इंडोनेशिया समेत 163 देशों के लोगों को ई-वीजा की सुविधा दी गई है। ई-वीजा पर भारत आने वाले टूरिस्टों की संख्या में करीब-करीब 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हमारी सरकार के लिए करप्शन फ्री, नागरिक केंद्रित और विकास अनुकूल पारिस्थितिक तंत्र सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जकार्ता की सबसे बड़ी इस्तिकलाल मस्जिद गए। यहां उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भी मौजूद रहे। पीएम मोदी मस्जिद देखने के बाद अर्जुन का रथ देखने भी पहुंचे। महाभारत के युद्ध की झलक को एक चट्टान पर कलाकृति के जरिए दर्शाया गया है, जो सेंट्रल जकार्ता में स्थित है। इससे पहले उन्होंने महाभारत-रामायण की थीम पर आधारित पंतग महोत्सव का उद्घाटन भी किया और पतंग उड़ाई।

भारत-इंडोनेशिया के साझा बयान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा इस महान और सुंदर देश की मेरी पहली यात्रा है और इस यात्रा के शानदार प्रबंध के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जिस तरह मेरे स्वागत किया गया, उसने मेरा दिल छू लिया।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘हाल में हुए आतंकी हमलों में इंडोनेशिया के निर्दोष लोगों के मारे जाने का मुझे गहरा दुख है। भारत इस प्रकार के हमलों की कड़ी निंदा करता है। इस मुश्किल घड़ी में भारत इंडोनेशिया के साथ मजबूती के साथ खड़ा है। आतंकवाद से लड़ने के लिए विश्व स्तर पर किए जा रहे प्रयासों में और गति लाने की आवश्यकता है।’

साझा बयान में पीएम मोदी ने और क्या कहा:

-आज हमारे बीच हुए समझौतों से द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत मिलेगी।

-हम 2025 तक द्वपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाने के लिए अपने प्रयास दोगुना करेंगे।

-हम दोनों देशों के बीच हजारों साल से मजबूत सांस्कृतिक संबंध है। जिसकी झलक भारत के गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई दी।

-हम 2019 में राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे।

-शिक्षा, विज्ञाव व प्रौद्योगिकी पर दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। ये दोनों देशों के लिए खासकर युवाओं के लिए लाभकारी रहेगी।

-हम आसियान में इंडोनेशिया की सकारात्मक भूमिका को महत्व देते हैं। मैं अगस्त में एशियाई खेलों की मेजबानी के लिए इंडोनेशिया को बधाई देता हूं।

-रमजान के इस पवित्र महीने में भारत के सवा करौड़ लोगों की तरफ से इंडोनेशिया के लोगों की समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करता हूं। उन्हें आगामी ईद-उल फितर के त्योहार के लिए भी बधाई देता हूं।

बता दें कि पांच दिनों की यात्रा के पहले पड़ाव में पीएम मोदी मंगलवार शाम जकार्ता पहुंचे थे। जिसके बाद आज (बुधवार) सुबह सबसे पहले वह यहां कालीबाटा नेशनल हीरो सीमेट्री गए और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यहां पीएम मोदी ने विजिटर बुक में अपना संदेश भी लिखा।

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्डेका पहुंचे, जहां राष्ट्रपति जोको विडोडो ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बैठक हुई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने समुद्र, अर्थव्यवस्था और सामाजिक- सांस्कृतिक क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की।