बशीरहाट में हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल, 120 वर्ष पुरानी मस्जिद बचाने आगे आये हिंदू युवक

कोलकाता. बशीरहाट के खानपाड़ा गांव में 120 वर्ष पुरानी मस्जिद बचाने के लिए सौमेन रायचौधरी सहित कई हिंदू युवक तीन दिनों से रात भर नहीं सोये. उनके साथ कई मुस्लिम युवक भी हैं. पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में हिंदू और मुस्लिम समुदायों में तीन दिनों से तनाव के बीच इस तरह की घटना साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करती है. गत दो दिनों में बशीरहाट के बारे में तरह तरह की अफवाह के बीच सौमेन रायचौधरी और उसके दोस्तों की यह पहल हमारी आखें खोलने के लिए काफी हैं.  हालांकि राजनीतिक रोटियां सेंकनेवालों और चटखारे लेकर तनाव को हवा देनेवाली मीडिया में यह खबर कहीं नहीं दिखायी दे रही.

मौलवी को लगायी फटकार

बशीरहाट का खानपाड़ा गांव मूलतः मुस्लिमों का गांव है. जिसमें तीन हिंदू परिवार हैं. सौमेन व उनके दोस्त फिरोज खान ने बताया कि यह मस्जिद हमारे गांव की धरोहर है. हमें इस पर गर्व है. हमने इस मस्जिद के मौलवी को भी फटकार लगायी है. उनको चेतावनी दी है कि यदि वे दो समुदायों के बीच घृणा फैलाने से बाज नहीं आये, तो उन्हें गांव से बाहर खदेड़ दिया जायेगा. सौमेन के साथ मुस्लिम समुदाय के कई युवक भी राज भर जाग कर मस्जिद की रक्षा कर रहे हैं. उन्ही में से एक फिरोज खान ने बताया कि हम हर कीमत पर इस गांव में शांति बहाल रखेंगे. कुछ असमाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने के लिए आये थे, जिन्हें हमने भगा दिया है. हमने प्रशासन से भी अनुरोध किया है कि वे हमें शांति बहाल रखने में मदद करें. जिला मजिस्ट्रेट अंतरा आचार्या ने बताया कि बशीरहाट में कानून व्यवस्था बनाये रखने में दोनों समुदायों के लोग मदद कर रहे हैं. राज्य सरकार इलाकों में शांति कमेटी बनाकर तनाव कम करने की कोशिश कर रही है.

राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश

राज्य सरकार के खिलाफ प्रदेश में बन रहे माहौल को भुनाने के लिए भाजपा के नेता भी मैदान में उतर गए हैं, तो जल्द ही केंद्रीय भाजपा की ओर से एक दल पश्चिम बंगाल के दंगाग्रस्त इलाकों का दौरा कर सकता है. इस बीच केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय भी सूबे के हालातों पर नजर रखे हुए हैं. प्रदेश सरकार से 24-परगना जिले के बशीरहाट और बादुड़िया इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर रिपोर्ट मांगने के अलावा केंद्र सरकार के अधिकारी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों संग संपर्क में हैं.