लाखों मुसलमानों को किया बेदख्ल, मुस्लिम इलाको को बनाया निशाना: बदरुद्दीन अजमल

असम में आज जारी हुए नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन के फाइनल ड्राफ्ट में करीब 40 लाख लोगों को भारत का अवैध नागरिक घोषित कर दिया गया है। सोमवार को जारी अंतिम मसौदे में कुल 3,29,91,384 आवेदकों में से 2,89,84,677 के नाम शामिल किए गए। यानि 40,07,707 आवेदकों के नाम छोड़ दिए गए।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) सांसद बदरुद्दीन अजमल ने आज कहा, ”ये एक बड़ी राजनीतिक साजिश और लोगों को परेशान करने वाला है। सांसद ने कहा कि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है। कोशिश हो रही है की अल्पसंख्यक लोग एकजुट न हो पायें।”

उन्होंने कहा, ”हम नहीं चाहते की बांग्लादेशी यहां रहें मगर भारतीयों को भी वंचित न होना पड़े। कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं।” बता दें कि NRC ड्राफ्ट में बदरुद्दीन अजमल के परिवार और पार्टी के कई लोगों के नाम शामिल नहीं है।इस ड्राफ्ट को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हर राज्य में बाहर से आये लोग रहते हैं। असम में संवाद की सभी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। महिलाओं और बच्चों को जेल भेज दिया गया है। यह एक चुनवी राजनीति है। क्या इन लोगों को जबरदस्ती बाहर निकाला जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति बांटो और राज करो की है।

बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में जो लोग आये हैं वे भी भारतीय हैं। ममता ने कहा कि कई परिवार यहां पर 7 पुश्तें रहती हैं और सभी वैध दस्तावेज देने के बाद भी ऐसे लोगों लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने केंद्र पर सवाल उठाते हुये कहा है कि सरकार ने इन लोगों के लिये कोर्ट में आवाज क्यों नहीं उठाया है।

ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों को एक गेम प्लान की तहत अलग-थलग किया जा रहा है। मुझे चिंता है कि लोगों को अपने ही देश में शरणार्थी बनाया जा रहा है। ममता ने कहा कि 40 लाख लोग जिन्हें ड्राफ्ट से बाहर किया गया है, वो कहां जाएंगे? अगर बांग्लादेश भी उन्हें वापस नहीं लेता तो उनका क्या होगा?