जानिए एक आलिम से, क्या इस्लाम में कुर्ता-पायजामा पहनना ही सुन्नत होता है?

हमारे समाज में एक भ्रम है कि, सिर्फ कुर्ता-पायजामा पहन लेना ही सुन्नत ही और बाकि जो ड्रेस पहनी जाती है वो सुन्नत नहीं है. फैज़ सैय्यद के प्रोग्राम में किसी भाई ने सवाल किया कि, जब दाढ़ी की बात करते हैं तो लोग लिबास पर आ जाते हैं और कहते हैं कि, पहले अपना लिबास तो सही कर.

तो इसके जवाब में फैज़ सैय्यद ने कहा कि, दाढ़ी को अपने हाल पर छोड़ देना ये तो सुन्नत का काम होता है और रहा लिबास का तो, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हमें किसी ख़ास लिबास के लिए हुक्म नहीं दिया और यह नहीं कहा कि, यह ख़ास लिबास पहनना ही सुन्नत होता है.

फैज भाई ने बताया कि, जो भी ड्रेस किताबो सुन्नत में फिट हो जाता है वही ड्रेस सुन्नत ड्रेस हो जाता है. फैज़ सैय्यद ने बताया कि, कोई कुर्ता पायजामा पहनना सुन्नत नहीं है और हदीस में कहीं भी किसी भी लिबास को सुन्नत करार नहीं दिया गया है. लेकिन हदीस में लिबास के उसूल जरुर बताये गए है कि, हमारा लिबास किस तरह का होना चाहिए?

इसके बाद फैज सैय्यद नेपेंट शर्ट के बारें में बताया कि, अगर हमारा पेंट शर्ट ऐसा है कि, इसमें से कोई हमारे शरीर का आजा नहीं दिखाई देता हैं तो उस कपडे को पहना जा सकता है. लेकिन कई लोग कहते हैं कि, पेंट शर्ट पहनना यहूद और नसारा की मुशाबिहत है. यहूद और नसारा की मुशाबिहत से मतलब यह है कि, अगर कोई शख्स किसी के मजहबी कपड़े जैसे पहनने तो वह यहूद और नसारा की मुशाबिहत कहलाती है.