हिन्दू धर्म गुरूओं को मेरी चुनौती, राम कब और कहां पैदा हुए थें, बता दें तो जिंदगी भर दासी बनकर रहूंगी: किरण यादव

हमारे देश में तकरीबन तीस साल पहले राम मंदिर के नाम पर राजनीति शुरू हुई थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रथ से अयोध्या तक यात्रा शुरू की थी। जिस जगह पर राम मंदिर होने का ज़िक्र किया जाता है वहां पर बाबरी मस्जिद बनी हुई है और लालकृष्ण आडवाणी ने रथ ले जाकर कारसेवकों को भड़काया, जिसके कारण पुरे देशभर में उस समय दंगे हुए थे। लालकृष्ण आडवाणी ने भारतीय जनता पार्टी को आगे लाने के लिए इस तरह की कई बार धर्म की राजनीति की, लेकिन उन्हें पूरी जिंदगीभर कुछ नहीं मिला।

क्योंकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि, अगर उनकी पार्टी जीत जाती है तो वह लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री बनायेंगे। लेकिन उसके बावजूद भी कुछ नहीं हुआ और भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बना दिया। लालकृष्ण आडवाणी की इस हरकत की वजह से पुरे देश में नफरत फैली, देश भर में साम्प्रदायिक दंगे हुए जिसमें हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग बेघर हो गए। हमारे देश में ये नेता लोग कितनी आसानी से धर्म के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना देते हैं।

राम के जन्म जनवरी 5114 ईसा पूर्व सुबह 12:5 मिनट में एग्नीबिशन में प्रस्तुत रिपोर्टर अनुसार रिपोर्ट के अनुसार हनुमान नें 12 सितंबर 5076 ईसा पूर्व पहली बार हनुमान ने सीता की भेंट रावण के अशोक वाटिका हूई यह रामायण में लिखा हुआ है जब राम के जन्म 5114 ईसा पूर्व हुआ तो 5076 ईसा पूर्व हनुमान नें रावण की अशोकवाटिका में कैसे मिला सीता से राम के जन्म होने से 38 साल पहले हनुमान ने सीता से कैसे मिला।

यह सबसे बड़ा झूठ एक जगह और लिखा है वैज्ञानिक शोधकर्ताओं के अनुसार राम के जन्म 7323 ईसा पूर्व में हुई हैं वाल्मीकि द्धरा बताए गए ग्रह नछत्रों के अधार पर प्लैनेटेरियम सॉकटवेयर के अनुसार दिसंबर 7323 ईसा पूर्व अथॉत आज से 9339 वर्ष पूर्व हुआ था वाल्मीकि के आनुसार राम का जन्म चैत शक्ल नवमी के हुआ जिस राम के ना तो किसी को जन्म के बारे पता नहीं राम के बाप के बारे में पता वह राम भगवान कैसे पूरा हिन्दुस्तान के हिन्दू धर्म गुरू को मेरी खुले चुनौती दे रही हूँ।

राम के जन्म कब हुआ बता दे राम के बाप कौन था यह बता दे में उसकी जिंदगी भर दासी बनकर रहूंगी हम सब हिन्दुस्तानी को एक बार पत्थर के मूर्ति के पूजा करने से पहले उसके बारे में जाने की जरूरत है। अंधविश्वास में मत जीये

Kiran yadav के फेसबुक वाल से।