केरल के सीएम ने पेट्रोल की कीमतों पर लगायी लगाम, मोदी को दिया यह मैसेज

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मचे हंगामें के बीच केरल सरकार ने सेल्स टैक्स में कटौती की अहम घोषणा की है। केंद्र सरकार जहां फिलहाल बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए विचार-विमर्श करने में ही जुटी है, वहीं, केरल ने वैट घटाने की घोषणा कर दी है। केरल सरकार ने वैट में एक रुपये की कटौती की है। यह कटौती एक जून से लागू होगी।

केरल सरकार ने वैट में एक रुपये की कटौती करते हुए बताया कि इससे राज्य को सालाना 509 करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। वैट में कटौती की घोषणा करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि यह केंद्र सरकार के लिए एक कड़ा संदेश है। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि केंद्र सरकार को भी ऐसा ही कदम उठाकर आम आदमी को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत देनी चाह‍िए।

केरल सरकार की कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।  आज हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के वित्त मंत्री डॉ। टी एम थॉमस इसाक ने यह प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने भी अपनी मंजूरी दे दी है।

पिछले काफी समय से केंद्र सरकार से मांग की जा रही थी कि वह एक्साइज ड्यूटी में कटौती करे। हालांकि सरकार ने ऐसा कोई भी कदम अभी तक नहीं उठाया है। उसने कहा है कि वह आम आदमी को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए रास्ता तलाश रही है।

कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ती कीमतों के बीच केरल पहला राज्य है, जिसने सेल्स टैक्स में कटौती की घोषणा की है। इससे पहले 2015 में ओमान चांडी के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने भी ऐसा ही कदम उठाया था आम लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए।

मौजूदा समय में केरल तीसरा राज्य है, जहां पेट्रोल और डीजल सबसे महंगा है। इस सूची में पहले पायदान पर महाराष्ट्र है। दूसरे पर पंजाब है। फिलहाल केरल सरकार पेट्रोल पर 32।02 फीसदी और डीजल पर 25।5 फीसदी वैट लगाती है।

बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कर्नाटक चुनाव के बाद लगातार बढ़ोतरी जारी है। बुधवार को भी पेट्रोल की कीमत में महज 1 पैसे की कटौती की गई है। पिछले लगातार 16 दिन से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में नरमी आना शुरू हो गई है। इसको देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इनकी कीमतों में कटौती होगी।