हिजाब के कारण मुस्लिम लड़की को नही दिया 11वी में एडमिशन

“दाढ़ी के बाद अब हिजाब” पिछले दिनों मध्यप्रदेश में असद खान को काॅलेज प्रशाशन ने यह कहकर काॅलेज से निकाल दिया था कि वो दाढ़ी रखता है , जबतक वो अपनी दाढ़ी नहीं कटायेगा उसे काॅलेज में जगह नहीं दी जाएगी, असद ने कालेज प्रशाशन की बात नहीं मानी और कानुनी लड़ाई लड़ी, लेकिन अफसोस कि असद को इंसाफ न मिल सका। कयोंकि यह मामला एक धर्म विशेष से संबंधित था जिसके खिलाफ भी एक धर्म विशेष के कुछ मानसिक रोगी समेत भारतीय मिडिया और सियासतदानों की झुंड पीछे पड़ी रहती है।

कुछ ऐसा ही मामला पटना में सामने आया है जहाँ के Litera Valley School ने एक मुस्लिम छात्रा को 11वीं में सिर्फ़ इसलिए एडमीशन नहीं दिया क्योंकि वो हिजाब पहनती है,मतलब अब हिजाब पहनने वाली लड़कियाँ इन्हे कोई मुजरिम लगती हैं जैसे कि उसने कोई संगीन जुर्म किया हो। भारतीय संविधान के अनुसार भारत के हर नागरिक को अपने धर्मनुसान जीवन व्यतीत करने का अधिकार है और यही बात छात्रा के पिता ने भी कही।

छात्रा के पिता मोहममद वसी ज़फ़र ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है कि ”बहुत दुखी हूँ कि आज मेरी बेटी को पटना के एक बड़े स्कूल “ Litera Valley School, Bhagwat Nagar, Kumrhar, Patna-800026” ने 11 वीं क्लास में नामांकन (दाख़िला) देने से सिर्फ इसलिए इंकार कर दिया क्यों कि वह हिजाब पहनती है। मोहम्मद वसी लिखते हैं कि जब इस समस्या को लेकर मैं ने स्कूल के प्राचार्य से मिलने की दरखास्त की तो पहले मुझे लगभग दो घंटे बाहर इन्तिज़ार में बैठाया गया फिर मिलने से ही मना कर दिया गया क्यों कि प्राचार्य महोदय को यह मालूम था की वह मुझ से तर्क-वितर्क में जीत नहीं सकेंगे।

यह स्कूल शिक्षा दे रहे हैं या भारतीय सभ्यता और बहुवादी संस्कृति की बैंड बजा रहे हैं । आज मेरी बेटी जितना आहत हुई है उस से मैं उसे कैसे निकाल पाउँगा । यह सिर्फ़ मानवाधिकार का उल्लंघन ही नहीं बल्कि संविधान की धारा 15, 25, 28, एवं 29 का भी उल्लंघन है ! सोचिये जिस देश में महिलाओं के अधिकार की बात होती है वहाँ एक मुस्लिम छात्रा के साथ यह बरताव हुआ है , जो नितीश कुमार महिलाओं को ध्यान में रखकर शराब बंदी करवाते हैं वो ऐसे नामकुल शिक्षकों द्वारा छात्राओं के प्रति ऐसी घिनौनी सोच को बंद कयों नहीं कराते ? टीवी डिबेट में किसी महिला को हिजाब पहना कर घंटो तलाक़ पर बहस करने वाली मिडिया ऐसी छात्राओं के हितों की बात कयों नहीं करता ? सवाल अनेक है पर जवाब एक “छात्रा धर्म विशेष से हैं”.. -डैट्स ऑल- यह पोस्ट फेसबुक यूजर अशरफ हुसैन भाई की वाल से ली गयी है.