गरीबों को हज कराने के लिए एक शख्स ने दिए 5 करोड़ रूपए

हज इस्लाम धर्म की पवित्र यात्रा है, लेकिन हर मुसलमान के नसीब में ये नहीं होती है. दरअसल अपनी गरीबी के कारण बहुत से मुसलमान हज अदा नहीं कर पाते है (हज अमीर व्यक्ति पर फर्ज़ है). ऐसे में भारतीय मूल के एक दक्षिण अफ्रीकी मुस्लिम शख्स ने एक अनोखे तरीके से गरीब मुस्लिमों को हज कराने के लिए पांच करोड़ रुपये जुटाए.

हज पर जाने की हर इस्लामी की ख्वाहिश होती है पर इस ख्वाहिश को पूरा कर पाना संभव नहीं है असल में कुछ मुसलमान गरीबी के चलते हज अदा करने नहीं जा पाते हैं इसके लिए भारतीय मूल के एक दक्षिण अफ्रीकी मुस्लिम शख्स ने एक अलग ही तरीके से गरीब मुस्लिमों को हज कराने के लिए पांच करोड़ रुपये जोड़े हैं.

यूसुफ अब्राहिम ने अपने हज के दौरान मोबाइल फोन से ली गई तस्वीरों वाली एक कॉफी टेबल किताब बनाई. उनकी ये किताब लोगों को बहुत पसंद आई. इस किताब को लेने के लिए पुस्तकालयों, स्कूलों और धार्मिक संस्थानों से 500 प्रतियों का आदेश आया.

इस किताब की प्रतियों की बिक्री से उन्होंने पांच करोड़ रुपए जुटाए. जिसे अब्राहिम ने गुरुवार को दो दक्षिण अफ्रीकी परोपकार संस्थानों को दान कर दिया. अब्रामजी ने कहा कि मेरा उददेश्य केवल लोगों को हज को लेकर जागरूकता पैदा करना था. हज अदा करना हर मुसलमान के लिए जरूरी है.

उन्होंने कहा कि इससे हज पर जाने वालों की यादें भी ताजा हो गईं. हमें सामाजिक जुड़ाव और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ाने की जरूरत है और उन्होंने इस किताब ने यही किया.