निदा खान के खिलाफ जारी हुआ फतवा, न दावा मिलेगी न जनाज़े को कंधा

बरेली: तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाली मुस्लिम महिला निदा खान के खिलाफ फतवा जारी हो गया है। यह फतवा बरेली के ताकतवर व प्रभावशाली शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने जारी किया है। फतवे में कहा गया है कि, ‘अगर निदा खान बीमार पड़ती हैं तो उन्हें कोई दवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

अगर उनकी मौत हो जाती है तो न ही कोई उनके जनाजे में शामिल होगा और न ही कोई नमाज अदा करेगा’। फतवे में यह भी कहा गया है कि, ‘अगर कोई निदा खान की मदद करता है तो उसे भी यही सजा झेलनी होगी’।

मुफ्ती खुर्शीद आलम ने फतवे में कहा है कि, ‘निदा खान से तबतक कोई मुस्लिम संपर्क नहीं रखेगा जबतक वे सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांग लेती हैं और इस्लाम विरोधी स्टैंड को छोड़ती नहीं हैं’।

आपको बता दें कि निदा खान खुद तलाक पीड़िता हैं और उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई है। अब वे अपनी संस्था के माध्यम से ऐसी महिलाओं की मदद करती हैं। इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम के फतवे पर प्रतिक्रिया देते हुए निदा खान ने कहा, ‘जो लोग फतवा जारी कर रहे हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है।

यहां सिर्फ और सिर्फ अल्लाह तय कर सकते हैं कि कौन दोषी है’। गौरतलब है कि निदा खान की शादी वर्ष 2015 में उस्मान रजा खान उर्फ अंजू मियां से हुई थी, लेकिन शादी के एक साल बाद ही पति ने उन्हें तलाक दे दिया। उन्होंने सिविल कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिष्ठित खानदान से ताल्लुक रखने वाले उनके पति ने शादी के बाद उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया।

तलाक के बाद निदा खान इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने लगीं। जिसमें निकाह हलाला भी शामिल है। निकाह हलाला के तहत तलाक के बाद किसी मुस्लिम महिला को अपने पहले पति से दोबारा शादी करने के लिए अन्य शख्स से एक रात के लिए शादी करनी पड़ती है।