अलवर हत्याकांड: बीजेपी विधायक ने फिर दिया विवादित बयान, गोकशी की घटनाओं को आतंकवाद से जोड़ा

बीते दिनों अलवर के राजगढ़ थाना इलाके में कथित गोरक्षकों द्वारा गोकशी के लिए ले जा रहे रकबर उर्फ अकबर की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के विधायकों के विवादित बोल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी सिलसिले में राजगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने आज केंद्र व राज्य सरकार को एक अजीब सलाह दे डाली।

आहूजा ने कहा है कि गोकशी की घटनाओं को आतंकवादी गतिविधियों की तरह समझकर ही उनको ट्रीट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह के मामले आतंकवादियों पर चलाए जाते हैं, वैसे ही गोकशी करने वालों पर भी चलाए जाने चाहिए।

राजगढ़ से ही विधायक आहूजा ने कहा कि इस तरह की घटनाएं तभी रुक सकती हैं, जब सरकार गोतस्करों पर सख्ती करे। विधायक आहूजा ने ये बात आज भाजपा कार्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

इससे पहले भी कथित गोतस्कर अकबर की हत्या के बाद हर रोज ज्ञानदेव आहूजा के लगातार विवादित बयान जारी है। एक दिन पहले ही आहूजा ने सरकारों द्वारा अकबर उर्फ रकबर के परिजनों को मुआवजा दिए जाने को भी गलत करार दिया था। इस मामले में उन्होंने कहा था कि वो इसको लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बात करेंगे।

उल्लेखनीय है कि अलवर जिला गोतस्करी को लेकर काफी समय से गढ़ बना हुआ है। यहां पर दो साल में कथित तौर पर गाय तस्करी को लेकर दो लोगों की भीड़ के द्वारा हत्या की जा चुकी है। एक साल पहले इसी थाना क्षेत्र में पहलू खान को भी मार दिया गया था। अकबर की हत्या को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

‘गायों को मारना आतंकवाद से बड़ा अपराध है क्योंकि इन्हें भारत में माता के रूप में पूजा जाता है।’ ज्ञानदेव आहूजा ने आगे कहा, ‘आतंकवादी केवल दो से पांच लोगों को ही मारते हैं लेकिन गायों को मारने से हजारों लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। मां के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ उनका यह भी कहना था कि गोहत्या करने वालों के खिलाफ वैसा ही मुकदमा चलना चाहिए जैसा आतंकियों के खिलाफ चलता है।