शरीयत से खिलवाड़ मंजूर नहीं – ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज कहा है कि मोदी सरकार में मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला करने की नापाक कोशिश की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोपाल में पर्सनल लॉ बोर्ड की दिन भर चली बैठक के बाद वर्किंग कमेटी के सदस्य कमाल फ़ारुकी ने कहा कि बोर्ड में फैसला लिया गया है कि शरीयत में किसी भी तरह का दख़ल मंज़ूर नही है। वहीं संविधान में जो तहफ्फुज दूसरे धर्मो के लोगों को मिला है वही तहफ्फुज मुसलमानों को भी मिलना चाहिए।

तीन तलाक़ को नापसंदीदा माना गया है लेकिन इसके बावजूद वैध है……
बोर्ड ने कहा कि तीन तलाक़ को नापसंदीदा माना गया है लेकिन इसके बावजूद वह वैध है। लोग इसके इस्तेमाल से बचें इसके लिये बड़े पैमाने पर इस्लाही कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। कमाल फ़ारुकी ने बताया कि बोर्ड ने एक कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है जो तीन तलाक़ संबंधी सुर्प्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करेगी और यह कमेटी इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार सुधार संबंधी सुझाव भी बताएगी।
महिला विंग की संयोजक असमा जेहरा ने कहा कि तलाक के चंद मामलों का कोर्ट में जाने से यह मतलब नहीं है कि मज़हब के अंदर औरतों का उत्पीड़न हो रहा है।

औवेसी ने तैयार किया फैसले का सार
बैठक में सदस्यों की राय जानने के बाद बोर्ड को लगा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अभी सभी लोगों ने ठीक से नहीं समझा है। सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने करीब दो घंटे कानून के जानकारों के साथ बातचीत करके फैसले का सार तैयार किया। इसे सभी सदस्यों को बांटा गया।

तीन तलाक लेने वालों का होगा बायकॉट, सरकार से मांगी वित्तीय मदद
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि एक साथ तीन तलाक के खिलाफ बोर्ड पहले भी प्रस्ताव पारित कर चुका है। अब इसे लेकर बड़े पैमाने पर सामाजिक सुधार कार्यक्रम चलाया जाएगा और एक साथ तीन तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों को जागरूक करने के लिए नए कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने केंद्र सरकार से वित्तीय मदद भी मांगी है।